धमतरी। महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ धमतरी पुलिस की सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। नाबालिगों से दुष्कर्म के तीन अलग-अलग मामलों में माननीय न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास और तीन-तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में गंभीर अपराधों, विशेषकर महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़े मामलों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। विवेचना अधिकारियों को वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संकलन, तकनीकी साक्ष्यों के उपयोग और न्यायालय में मजबूत प्रस्तुतीकरण के निर्देश दिए गए थे, जिसका सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहा है।
थाना अर्जुनी के प्रकरण में आरोपी तोरण लाल जोशी को पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी पाते हुए न्यायालय ने 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। वहीं थाना भखारा के मामले में आरोपी सागर उर्फ करण साहू तथा थाना सिहावा के प्रकरण में आरोपी नरेंद्र कुमार मंडावी को भी न्यायालय ने 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया।
तीनों मामलों की विवेचना निरीक्षक प्रमोद अमलतास, उप निरीक्षक कपिश्वर पुष्पकार और सहायक उप निरीक्षक दुलाल नाथ द्वारा गंभीरता और पेशेवर दक्षता के साथ की गई। सशक्त साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के चलते आरोपियों को कठोर सजा दिलाने में सफलता मिली। उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा तीनों विवेचना अधिकारियों को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में अब तक धमतरी जिले में पॉक्सो एक्ट के कुल 09 मामलों में न्यायालय द्वारा आरोपियों को कठोर सजा सुनाई जा चुकी है। धमतरी पुलिस ने महिला एवं बाल अपराधों के विरुद्ध ‘शून्य सहनशीलता’ की नीति अपनाते हुए ऐसे मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
