एक हाथ में लड्डू, सिंहासन पर विराजमान गणपति की सूक्ष्म कलाकृति बनी आकर्षण का केंद्र
गणेश उत्सव के पावन पर्व पर आस्था और कला का अद्भुत संगम देखने को मिला है। ग्राम मोदे नगरी निवासी लीफ आर्टिस्ट विकास शांडिल्य ने पीपल के पत्ते पर भगवान श्री गणेश जी की मनमोहक आकृति उकेर कर सबको हैरान कर दिया है।
कलाकार विकास ने सूखे पीपल के पत्ते पर बारीकी से भगवान गणेश को अपने आसन पर विराजमान, एक हाथ से आशीर्वाद देते हुए और दूसरे हाथ में प्रिय लड्डू लिए हुए दर्शाया है। पत्ते की नाजुक सतह पर इतनी सूक्ष्म और स्पष्ट आकृति देखकर लोग दांतों तले उंगली दबा रहे हैं।
लीफ आर्ट एक बेहद कठिन और धैर्य वाली कला है। इसमें सबसे पहले पीपल के पत्ते को विशेष प्रक्रिया से सुखाकर उसकी ऊपरी परत हटाई जाती है, जिससे सिर्फ जालीदार संरचना बचती है। फिर उस पर सुई और ब्लेड जैसे बारीक औजारों से महीनों के अभ्यास के बाद आकृति उकेरी जाती है। जरा सी चूक और पूरा पत्ता फट जाता है।
विकास शांडिल्य ने बताया कि गणेश उत्सव के चलते उन्होंने बप्पा के प्रति अपनी श्रद्धा को कला के जरिए व्यक्त करने की कोशिश की है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और कला के देवता माना जाता है, इसलिए इस पर्व पर यह कृति बनाना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
ग्राम मोदे नगरी के इस युवा कलाकार की कला की चारों ओर सराहना हो रही है। उनकी यह कृति सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है और गणेश भक्तों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यह कला न केवल धार्मिक आस्था को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि प्रकृति की छोटी से छोटी चीज को भी कला का अद्भुत माध्यम बनाया जा सकता है।
