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RTI एक्टिविस्ट मोहन पटेल की शिकायत पर हुई जांच में खुलासा: 8 फर्मों से खरीदी में नियमों की अनदेखी, जनपद CEO ने जिला पंचायत को भेजा प्रतिवेदन


 

बोड़रा पंचायत में 1.14 लाख का घोटाला उजागर: सामग्री खरीदी में GST सहित ₹1,14,898 वसूली योग्य, सरपंच-सचिव ने नहीं किया माल क्रय नियमों का पालन, CEO ने 39 पन्नों की जांच रिपोर्ट भेजी जिला पंचायत को


मगरलोड: ग्राम पंचायत बोड़रा में सामग्री खरीदी में गड़बड़ी, ₹1.14 लाख की वसूली तय, सरपंच केवल राम वर्मा और सचिव किशन लाल साहू को नोटिस

बोड़रा पंचायत में खर्च का हिसाब गड़बड़: वर्मा मोटर वाइंडिंग, साहू आर्ट, खुशी टाइल्स सहित कई फर्मों से खरीदी पर उठे सवाल, वसूली की तैयार



*मगरलोड।* जनपद पंचायत मगरलोड अंतर्गत ग्राम पंचायत बोड़रा में सामग्री खरीदी और राशि खर्च करने के मामले में बड़ी अनियमितता सामने आई है। जांच में कुल ₹1,14,898 की राशि वसूली योग्य पाई गई है। जनपद पंचायत मगरलोड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) ने जांच प्रतिवेदन आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला पंचायत धमतरी को भेज दिया है।


जांच प्रतिवेदन के अनुसार ग्राम पंचायत द्वारा विभिन्न फर्मों से की गई सामग्री खरीदी में जीएसटी की राशि सहित कुल ₹1,14,898 की वसूली योग्य राशि चिन्हित की गई है। इसमें 8 फर्मों से की गई खरीदी शामिल है।


*इन फर्मों से खरीदी में गड़बड़ी:*

जांच में जिन फर्मों से खरीदी पर सवाल उठे हैं, उनमें वर्मा मोटर वाइंडिंग एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, साहू आर्ट, खुशी टाइल्स एवं हार्डवेयर, बजरंग रिवाइंडिंग सेंटर, शिवम ट्रेडर्स, महामाया ट्रेडर्स एवं टाइल्स, हिमशिखा स्टेशनरी, साहू स्टील एवं एल्युमिनियम वर्कशॉप तथा दिलीप इंजीनियरिंग वर्क्स शामिल हैं। इन सभी फर्मों से खरीदी में जीएसटी और बिलिंग से जुड़ी अनियमितताएं पाई गई हैं।


*सरपंच-सचिव को नोटिस, नियमों का पालन नहीं*

जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत बोड़रा के सरपंच केवल राम वर्मा एवं सचिव किशन लाल साहू द्वारा सामग्री खरीदी में शासन के माल क्रय नियमों का विधिवत पालन नहीं किया गया। बिना नियमानुसार प्रक्रिया अपनाए खरीदी की गई। इस संबंध में दोनों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो।


*RTI एक्टिविस्ट की शिकायत पर हुई जांच*

यह पूरी कार्रवाई आरटीआई एक्टिविस्ट एवं सामाजिक कार्यकर्ता मोहन पटेल की शिकायत के बाद हुई है। उनकी शिकायत पर जनपद पंचायत द्वारा जांच दल गठित किया गया था। जांच दल ने पंचायत के दस्तावेजों, बिल-वाउचरों और सरपंच-सचिव के बयानों के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की है।


जनपद पंचायत कार्यालय द्वारा जांच प्रतिवेदन के साथ शिकायत पत्र, सरपंच एवं सचिव के बयान तथा अन्य संबंधित दस्तावेजों सहित कुल 39 पृष्ठों का पूरा रिकॉर्ड जिला पंचायत धमतरी को आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित किया गया है।


अब सबकी निगाह इस बात पर टिकी है कि जांच में चिन्हित ₹1.14 लाख की राशि की वसूली कब और कैसे होती है, और जिम्मेदार सरपंच-सचिव पर जिला पंचायत द्वारा आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

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