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रायपुर ने प्रोस्टेट कैंसर सर्जरी के भविष्य में रखा कदमः एनएच एमएमआई अस्पताल में छत्तीसगढ़ की पहली रोबोटिक प्रोस्ट्रेट कैंसर सर्जरी के साथ रचा गया इतिहास


 

रायपुर, छत्तीसगढ़ मध्य भारत की कैंसर चिकित्सा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में, नारायणा हेल्थ एनएचएमएमआई मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, रायपुर में डॉ. वरुण शर्मा (एम. सीएच, यूरोलॉजी, पीजीआई चंडीगढ़), वरिष्ठ यूरोलॉजिस् द्वारा रायपुर और छत्तीसगढ़ की पहली रोबोटिक-असिस्ड रैडिकल प्रोस्ट्रेक्टोमी (प्रोस्टेट कैंसर सर्जरी) सफलता पूर्वक की गई।


72 वर्षीय मरीज, जो पेशाब की समस्या और पीएसए स्मर में अत्यधिक वृद्धि के साथ सामने आए थे, में प्रोस्ट्रेट कैंसर की पुष्टि हुई थी। यह जटिल सर्जरी रोबोटिक तकनीक की मदद से अत्यंत कुशलता और सटीकता के साथ की गई, जिसमें अत्यंत कम रक्तस्राव हुआ, आपरेशन के बाद दर्द बहुत ही कम रहा और उल्लेखनीय रूप से, मरीज को केवल दो दिन बाद ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।


यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ में प्रोस्टेट कैंसर के इलाज के एक नए युग की शुरुआत का संकेत देती है, और रायपुर को उन गिने-चुने भारतीय शहरों में शामिल करती है जहाँ यूरोलॉजिकल कैंसर के लिए उन्नत रोबोटिक समाधान उपलब्ध हैं।


डॉ. वरुण शर्मा, रायपुर और पूरे छत्तीसगढ़ में रोबोटिक प्रोस्टेट कैंसर सर्जरी करने वाले पहले यूरोलॉजिस्ट् हैं - जो राज्य के लिए गर्व और चिकित्सा क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा कदम है।


डॉ. शर्मा ने अपनी एम. सीएच यूरोलॉजी की पढ़ाई देश के प्रमुख संस्थान पीजीआई चंडीगढ़ से की है। इसके बाद उन्होंने न्यूयॉर्क के मेमोरियल स्लोन केटरिंग कैंसर सेंटर, माउंट साइनाई हॉस्पिटल, जर्मनी के मार्टिनी क्लिनिक और वियना मेडिकल यूनिवर्सिटी जैसे अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठित केंद्रों से रोबोटिक प्रोस्ट्रेट सर्जरी में उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उनकी यह वैश्विक विशेषज्ञता अब रायपुर को विश्वस्तरीय कैंसर इलाज केंद्र के रूप में स्थापित कर रही है।


भारत में प्रोस्ट्रेट कैंसर पुरुषों में तेजी से बढ़ रही बीमारी है और 2040 तक इसके मामलों के दोगुने होने की संभावना है। इसके बावजूद, आम लोगों में इस बीमारी को लेकर जागरूकता बेहद कम है। समय पर पीएसए जांच से इसकी जल्दी पहचान संभव है, जिससे इलाज पूरी तरह सफल हो सकता है- यहां तक कि वृद्ध मरीजों में भी।


रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी प्रोस्ट्रेट, ब्लैडर और किडनी कैंसर के इलाज में एक क्रांति लेकर आई है। 'दा विंची' रोबोट के जरिए मिलने वाली 3 डी मैग्मी फाइड विज़न, अत्यधिक लचीलापन और बेहद कम इनवेसिव प्रक्रिया से मरीज को जल्दी आराम, कम रक्तस्राव, कम दर्द, छोटे टांके और बेहतर क्वालिटी ऑफ लाइफ मिलती है।


इस जटिल सर्जरी की सफलता एक अनुभवी और समर्पित टीम के सहयोग से संभव हो सकी। डॉ. शर्मा को इस दौरान डॉ. कोशलेश तिवारी (यूरोलॉजिस्ट), डॉ. अरुण अंदमन और डॉ. राकेश चंद (एनेस्थेटिस्ट्) तथा नर्सिंग और टेक्निकल स्टाफ का पूर्ण सहयोग मिला।


यह उपलब्धि NHMMI अस्पताल को मध्य भारत में यूरोलॉजी और रोबोटिक कैंसर सर्जरी के लिए अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करती है और यह दर्शाती है कि अब रायपुर में विश्वस्तरीय, अत्याधुनिक और कम कष्टदायक कैंसर उपचार संभव है- सुलभ, प्रभावी और जीवन को बेहतर बनाने वाला।

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