राजू साहू की खास रिपोर्ट
राजस्थान के जोधपुर के डांगीयावास क्षेत्र में 32 वर्षीय शिक्षिका संजू की अपनी तीन वर्षीय बेटी के साथ आत्महत्या की घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है. जानकारी के अनुसार, संजू शुक्रवार को स्कूल से घर लौटी और पेट्रोल छिड़ककर कुर्सी पर बैठकर खुद को व अपनी तीन साल की बेटी को आग के हवाले कर दिया. मासूम बेटी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि संजू ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया.
संजू के परिवार का कहना है कि मरने से पहले उसने अपने पति, ससुराल पक्ष और ननद का नाम लिया, जिन्होंने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया. लेकिन पुलिस का कहना है कि डॉक्टरों ने बताया था कि वह बयान देने की स्थिति में नहीं थी. परिवार ने एनडीटीवी से बातचीत में बताया कि ससुराल वाले संजू का मानसिक उत्पीड़न करते थे और उसके चरित्र पर बेबुनियाद आरोप लगाते थे
पहुंचा. किसी ने उसे ढकने तक की कोशिश नहीं की थी.
हमने चादर ओढ़ाकर उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया. मरने से पहले उसने तीन नाम लिए, उसके पति दिलीप, ससुराल वाले और ननद. उसने कहा कि इन लोगों ने मुझे बहुत सताया. वह और नाम लेना चाहती थी. लेकिन बोल नहीं पाई. उसे इस स्थिति तक मजबूर किया गया.
एसीपी नागेंद्र कुमार ने कहा कि पीड़िता संजू ने अपनी बेटी के साथ आत्महत्या की. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. परिवार ने ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया है. हमने दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. घटनास्थल से एफएसएल सैंपल लिए गए हैं और पीड़िता का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है. शिक्षिका का सुसाइड नोट हमारे पास है.
.