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7 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले 57 वर्षीय आरोपी को आजीवन कारावास का हुआ सजा

 


गरियाबंद, / न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रेक विशेष न्यायालय पॉक्सो एवं बलात्कार मामले में पीठासीन न्यायाधीश यशवंत वासनीकर ने नाबालिक पीड़िता को सुनसान खेत में ले जाकर उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म करने वाले फिंगेश्वर के 50 वर्षीय आरोपी विश्राम निषाद को कठोर आजीवन कारावास एवं अर्थदण्ड से दण्डित किया हैं।
शासन की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक हरि नारायण त्रिवेदी ने बताया कि पीड़िता की माता द्वारा थाना फिंगेश्वर में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री जिसकी उम्र 07 वर्ष 11 माह है जो कि कक्षा दूसरी की छात्रा है, को शाम 05ः30 बजे के लगभग आरोपी विश्राम निषाद द्वारा अकेला पाकर सुनसान खेत में ले जाकर जबरदस्ती दुष्कर्म किया गया। रिपोर्ट के आधार पर थाना फिंगेश्वर में अपराध पंजीबद्ध किया गया।
उपपुलिस अधीक्षक  निशा सिन्हा एवं निरीक्षक नवीन राजपूत द्वारा प्रकरण की संपूर्ण विवेचना कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन पक्ष द्वारा घटना के दोषसिद्धि के लिए कुल 12 साक्षियों का कथन कराया गया, जिनके आधार पर न्यायालय ने घटना को प्रमाणित माना। प्रकरण की गंभीरता, पीड़िता की आयु एवं प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण करते हुए विशेष न्यायालय ने आरोपी विश्राम निषाद को पॉक्सो एक्ट की धारा 06 के तहत कठिन आजीवन कारावास जो कि 20 वर्ष से कम नहीं होगा और शेष प्राकृतिक जीवन अवधि तक जारी रहेगा तथा 2 हजार रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया। इसके अतिरिक्त न्यायालय ने अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(2)(वी) के तहत भी आरोपी को आजीवन कारावास एवं 2 हजार रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया।

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