विधानसभा चुनाव में मोदी की गारंटी के तहत बड़े बड़े वादे तो किए गए थे जो इस बजट सत्र में पूरी तरह फैल दिखाई दिया ।
महिलाओं को 500 रुपए में रसोई गैस देने का वादा किया गया था जिसके तहत बजट में कोई प्रावधान नहीं देखने को मिला।
एक करोड़ 20 लाख जो मातृशक्ति है उसे पूर्ण रूप से महतारी वंदन योजना का लाभ कैसे मिलेगा उसके लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं है।
57000 शिक्षकों की भर्ती की जो घोषणा की गई थी उसके तहत कोई भी योजना बजट में दिखाई नहीं दिया गया।
1 लाख सरकारी नौकरी का जो वादा किया गया था उसे कैसे पूर्ण करे कोई प्रावधान इस बजट पर नहीं है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन कार्यकर्ता, संविदा कर्मचारी से जो चुनावी वादे किए गए थे उसको देने के लिए इस बजट में कुछ भी नहीं है।
इस तरह यह बजट आम जनता , महिलाएं , और युवा वर्ग के लिए पूरी तरह दुर्गति साबित हुआ ।
