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*समय पर कैंसर स्क्रीनिंग: छोटी जांच से बड़ी सर्जरी से बचाव संभव*


Dr. Bharat Bhushan Khurse, Consultant–Onco Surgery के अनुसार, समय पर कराई गई कैंसर जांच मरीजों को बड़ी और जटिल सर्जरी से बचा सकती है। उनका कहना है कि कैंसर का इलाज उसकी गंभीरता से ज्यादा इस बात पर निर्भर करता है कि बीमारी का पता कब चलता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, कैंसर अक्सर वर्षों तक बिना लक्षण के विकसित होता रहता है। यदि इसकी पहचान शुरुआती चरण में हो जाए, तो कम जटिल सर्जरी, तेज़ रिकवरी और बेहतर परिणाम संभव होते हैं। वहीं देर से पता चलने पर बड़े ऑपरेशन, लंबा इलाज और जीवनशैली में स्थायी बदलाव की जरूरत पड़ सकती है।

आज कई प्रकार के कैंसर के लिए सरल और सुरक्षित स्क्रीनिंग टेस्ट उपलब्ध हैं—जैसे मैमोग्राम से स्तन कैंसर की शुरुआती पहचान, पैप स्मीयर या HPV टेस्ट से गर्भाशय ग्रीवा में बदलाव का पता, कोलोनोस्कोपी से कैंसर-पूर्व पॉलीप्स हटाना और PSA टेस्ट से प्रोस्टेट कैंसर की शुरुआती जांच। ये परीक्षण कुछ ही मिनटों में गंभीर बीमारी को रोकने में मदद कर सकते हैं।

विशेषज्ञ बताते हैं कि कैंसर के लक्षण अक्सर देर से दिखाई देते हैं, इसलिए केवल लक्षणों का इंतजार करना जोखिम भरा हो सकता है। उम्र, पारिवारिक इतिहास, धूम्रपान, मोटापा और जीवनशैली जैसे कारक कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं, इसलिए नियमित जांच जरूरी है।

डॉक्टरों का मानना है कि जांच से डरने के बजाय समय पर स्क्रीनिंग कराना बेहतर है, क्योंकि शुरुआती चरण में कैंसर का इलाज अक्सर पूरी तरह संभव होता है। साथ ही, कुछ परीक्षण और HPV वैक्सीन जैसे उपाय कैंसर को होने से पहले ही रोक सकते हैं।

विशेषज्ञों का संदेश स्पष्ट है—समय पर की गई जांच भविष्य में बड़े ऑपरेशन और गंभीर उपचार से बचा सकती है। स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए सही समय पर स्क्रीनिंग सबसे प्रभावी कदम है।

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