धमतरी :- राजू साहू की खास रिपोर्ट
जिले में नक्सल पश्चात स्थिति को गंभीरता से लेते हुए और क्षेत्र में नक्सल शून्यता बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने अपनी रणनीति को और मजबूत करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में जिले के अंतिम छोर पर स्थित बोरई, कुन्दई (नबरंगपुर, ओडिशा) एवं विश्रामपुरी (कोंडागांव) के ट्राईजंक्शन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण समीक्षा एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई।
इस उच्चस्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करना, नक्सली गतिविधियों की संभावनाओं को समाप्त करना तथा अंतरराज्यीय अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना रहा।
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि विभिन्न राज्यों के पुलिस विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जाए, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल साझा हो सके और उस पर त्वरित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने विशेष रूप से रियल-टाइम सूचना आदान-प्रदान प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
पुलिस अधीक्षक ने सीमावर्ती इलाकों में संयुक्त चेकिंग अभियान चलाने, रात्रि गश्त को सघन बनाने तथा प्रमुख मार्गों पर नाकेबंदी को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सतत जांच सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दी गई।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सूचना तंत्र (इंटेलिजेंस नेटवर्क) को मजबूत करते हुए विश्वसनीय मुखबिर तंत्र विकसित किया जाए। प्राप्त सूचनाओं पर तत्काल और ठोस कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए।
नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में पुलिस-जन संवाद को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमित रूप से ग्राम भ्रमण कर स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित करने, उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने और विश्वास का माहौल बनाने के निर्देश दिए। इससे न केवल आम जनता का पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ेगा, बल्कि महत्वपूर्ण सूचनाएं भी प्राप्त हो सकेंगी।
बैठक में युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जनजागरूकता कार्यक्रम एवं खेलकूद गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी बल दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाकर ही नक्सल शून्यता की स्थिति को स्थायी बनाया जा सकता है।
इसके साथ ही ओडिशा से गांजा तस्करी की बढ़ती गतिविधियों पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। इस पर रोक लगाने के लिए संभावित मार्गों की पहचान कर स्थायी नाके स्थापित किए गए हैं, जबकि अन्य मार्गों पर औचक नाकेबंदी की रणनीति अपनाई जाएगी। उन्होंने ऐसे आपराधिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए जो युवाओं को गलत रास्ते पर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं।
इस महत्वपूर्ण बैठक में डीएसपी धमतरी यशकरण दीप ध्रुव, थाना मेचका, खल्लारी, नगरी, सिहावा एवं बोरई के थाना प्रभारी, सीएएफ के कमांडेंट तथा पड़ोसी राज्य ओडिशा के थाना कुंदई, रायघर एवं जिला कोंडागांव के थाना माकड़ी, विश्रामपुरी, चौकी बांसकोट सहित एसआईबी एवं अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

