धमतरी ।। मगरलोड क्षेत्र सहित पूरे अंचल रक्षाबंधन पर्व बड़े ही हर्ष उल्लास से मनाया गया बहनों भाई कलाई रक्षाबंधन बांध अपने भाईयों से सुरक्षा का संकल्प लिया। यह त्यौहार भाई बहनों स्नेह प्रेम अटूट बंधन आदि काल यह बड़ा ही महत्वपूर्ण है। जैसे ही भद्रा समाप्त हुआ बहनों ने देर रात भाईयों के कलाई में राखी बांधी और सड़कों पर आने जाने वाले काफी भीड़ दिखाई दी। पुराणिक कथा के अनुसार भगवान विष्णु राजा बलि के महल द्वारपाल था राजा बाली के वचन से बधा था।
महालक्ष्मी बहुत दिनों तक भगवान विष्णु का नहीं आया तो माता लक्ष्मी को चिंता हो गई उन्होंने ब्राह्मण स्त्री का वीर धारण कर राजा बलि के शरण गया। मां लक्ष्मी भाव भक्ति स्नेह देखकर राजा बलि प्रसन्न हो गया और राजा बलि को रक्षाबंधन बांधा जिससे राजा मां लक्ष्मी और वर मांगने के लिए कहता है। मां लक्ष्मी राजा बलि से अपने स्वामी भगवान विष्णु को द्वारपाल से मुक्त करने कहता जिससे राजा बलि प्रसन्न होकर मां भगवान विष्णु वापस सौंपा देता है। तबसे अब तक यह रक्षा बंधन का भाई बहनों का छोटे पतली रस्सी बधन बांधकर अपने भाई को अपने बहन कि रक्षा के लिए संकल्प लेता है। खिसोरा छोटे छोटे बच्चों में काफी उत्साह रक्षाबंधन बधने दिखाई दिया।


