भारत में छत्तीसगढ़ की एक नई पहचान है इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के लोक परम्परा जो अब लगभग खत्म सी होते जा रही है। जो अब कहीं-कहीं ही देखने को मिलती है। वर्तमान पीढ़ी अपने सुनहरी और गौरवशाली संस्कृति से दूर होते जा रही है।
दीपावली पर्व के अवसर पर ग्राम मुकुंदपुर के सड़कपारा में छोटे-छोटे बच्चियों द्वारा छोटी सी कोशिश। इस मौके पर सुआ नृत्य करके मोहल्ले वासियों को आकर्षित करती छोटी बच्चियाँ।
क्षेत्र के प्रसिद्ध माइक्रो आर्टिस्ट भानुप्रताप कुंजाम ने छोटे बच्चियों के प्रयास को सराहना करते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
अर्चना मरकाम, गोपेश्वरी नेताम, अंजली मरकाम, प्रियांशी, अकांक्षा नेताम, मनीषा नेताम, वंदना नेताम, विद्या नेताम और होलिका मरकाम के सुआ नृत्य ने सबका मन मोह लिया।
