*6 फीट लंबी लट के साथ सौ वर्षीय रामकली पहुंची राजिम कुंभ, श्रद्धालुओं के बीच बनीं आकर्षण का केंद्र*
राजिम। श्रीराजीवलोचन मंदिर में इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। दूर-दराज़ से आए श्रद्धालु भगवान श्रीराजीवलोचन और श्री कुलेश्वरनाथ महादेव के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। इसी बीच मंदिर परिसर में सौ वर्ष उम्र के करीब बुजुर्ग महिला रामकली श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
करीब साढ़े तीन फीट कद की रामकली मंदिर के चबूतरे पर बैठी रहती हैं। उनके सामने देवताओं की तस्वीरें रखी होती हैं और सिर से निकलती लगभग 6 फीट लंबी व 4 इंच चौड़ी लट (जटाजूट) को वे फैला कर रखती हैं। पूछने पर उन्होंने बताया कि बचपन से ही उनके सिर पर यह लट उग आई थी। परिवारजनों द्वारा कई बार मुंडन करवाने के बावजूद यह समाप्त नहीं हुई और समय के साथ और भी बढ़ती चली गई।
रामकली का कहना है कि यह भोलेनाथ का प्रसाद है और उन्हीं की कृपा से उन्हें यह आशीर्वाद मिला है। जब उनसे पूछा गया कि इतनी लंबी लट का वजन महसूस होता है या नहीं, तो उन्होंने सहज भाव से कहा कि “ऊपरवाले ने जिस हालत में रखा है, उसी में रहना है।” उन्होंने बताया कि वे लगातार 15 दिनों तक मंदिर परिसर में ही बैठेंगी। जानकारी के अनुसार रामकली बेलटुकरी गांव की निवासी हैं। उनकी अनोखी लट को देखकर श्रद्धालु स्वतः ही उनकी झोली में दान डाल रहे हैं।
*अटिका प्रसाद के लिए मंदिर में अलग काउंटर*
श्रीराजीवलोचन मंदिर परिसर में भगवान को चढ़ाए जाने वाले प्रसिद्ध अटिका प्रसाद के लिए अलग काउंटर की व्यवस्था की गई है। चावल से बने इस प्रसाद की विशेषता यह है कि यह लंबे समय तक खराब नहीं होता और स्वाद भी बेहतरीन रहता है। राजीव लोचन के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु अटिका प्रसाद के रूप में अवश्य ले जाते हैं।
*मेले में बांस वाली बांबे मिठाई और नारियल पानी की धूम*
राजिम मेले में बच्चों को लुभाने वाली बांबे मिठाई का बाजार इन दिनों खूब गर्म है। विक्रेता बांस की लकड़ी में बांबे मिठाई की छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर बेच रहे हैं। इन्हें देखकर बच्चे अपने परिजनों से जिद कर मिठाई खरीदवाते नजर आ रहे हैं, जिससे विक्रेताओं की अच्छी बिक्री हो रही है। वहीं तेज धूप के चलते नारियल पानी की भी जबरदस्त मांग बनी हुई है। मेला भ्रमण के दौरान जैसे ही लोग थकान महसूस करते हैं, नारियल पानी देखकर वहीं रुक जाते हैं और गला तर करते नजर आते हैं।
*राजिम कुंभ मेला में छत्तीसगढ़ी मिठाई ओखरा की बढ़ी मांग*
राजिम कुंभ कल्प मेला में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक मिठाई ओखरा की मांग इन दिनों तेजी से बढ़ गई है। पूरे मेला क्षेत्र में जगह-जगह ओखरा मिठाई बिक्री के लिए सजी हुई नजर आ रही है। गन्ने और लाई से निर्मित यह पारंपरिक मिठाई श्रद्धालुओं और पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही है।
जानकारी के अनुसार, शिवरीनारायण क्षेत्र से लगभग 14 विक्रेता ओखरा मिठाई लेकर मेले में पहुंचे हैं, वहीं ओडिशा से भी व्यापारी ओखरा बेचने के लिए राजिम आए हुए हैं। ओखरा की खास मिठास लोगों को अपनी ओर खींच रही है। मेला भ्रमण के बाद अधिकतर श्रद्धालु और पर्यटक घर लौटने से पहले ओखरा मिठाई खरीदना नहीं भूल रहे हैं।


