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राजिम में साहित्यिक सम्मान: पूर्व सांसद चंदूलाल साहू के हाथों डॉ. मनी मनेश्वर, युवराज देवदास और मनहरण साहू सम्मानित


 

रत्नांचल साहित्य समिति का आयोजन: धर्म नगरी राजीम में युवा साहित्यकारों को मिला गौरव

साहित्य ही समाज का दर्पण है" - राजीम में 3 साहित्यकारों को पूर्व सांसद चंदूलाल साहू ने किया सम्मानित


संपादक राजू साहू:- गरियाबंद- साहित्य और संस्कृति की नगरी राजीम में रविवार 9 अगस्त 2026 को एक भव्य साहित्यिक समारोह आयोजित किया गया। रत्नांचल जिला साहित्य एवं जनकल्याण समिति गरियाबंद, छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में धर्म नगरी राजीम स्थित माता गायत्री मंदिर परिसर में साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए युवा साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व सांसद आदरणीय चंदूलाल साहू थे। उनके करकमलों से जिले के तीन साहित्यकारों को शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।


*युवा कवि डॉ. मनी मनेश्वर को मिला विशेष सम्मान*  

इस अवसर पर नवागांव, पोस्ट धौराभाठा, मगरलोड निवासी युवा कवि साहित्यकार डॉ. मनी मनेश्वर को साहित्य के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया। डॉ. मनेश्वर की कविताएं और लेख ग्रामीण जीवन, आदिवासी संस्कृति और सामाजिक सरोकारों को बखूबी दर्शाते हैं। उनकी रचनाएं क्षेत्र के युवा वर्ग के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।


*शिक्षकों को भी मिला साहित्यिक सम्मान*  

मगरलोड क्षेत्र से शिक्षक युवराज देवदास और मनहरण साहू को भी शिक्षा के साथ-साथ साहित्य में दिए गए योगदान के लिए सम्मानित किया गया। दोनों शिक्षकों ने विद्यालयों में साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और नई पीढ़ी में पढ़ने-लिखने की रुचि जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्र के वरिष्ठ साहित्यकार, कवि, लेखक और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। सभी ने सम्मानित साहित्यकारों को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।


*साहित्यकारों की गरिमामय उपस्थिति*  

समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद चंदूलाल साहू ने कहा कि साहित्य ही समाज का दर्पण है। युवा साहित्यकार जब अपनी कलम से समाज की विसंगतियों को उजागर करते हैं तो समाज में सकारात्मक बदलाव आता है। उन्होंने कहा कि गरियाबंद जिले की मिट्टी में साहित्य की समृद्ध परंपरा रही है और डॉ. मनी मनेश्वर जैसे युवा इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।


रत्नांचल जिला साहित्य एवं जनकल्याण समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि समिति का उद्देश्य जिले के छिपे हुए साहित्यिक प्रतिभाओं को मंच देना और उन्हें प्रोत्साहित करना है। भविष्य में भी इस तरह के आयोजन लगातार किए जाएंगे।


*युवाओं और वरिष्ठजनों ने दी बधाई*  

सम्मान समारोह की सूचना मिलते ही क्षेत्र के युवा मित्रों और वरिष्ठ जनों ने तीनों साहित्यकारों को हार्दिक बधाई दी है। सभी ने उनकी भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि यह सम्मान पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।


कार्यक्रम का संचालन समिति के पदाधिकारियों द्वारा किया गया और अंत में आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।



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