मोहरेगा के मां शीतला मंदिर में हवन-पूजन: ग्राम विकास समिति और पंचगणों की उपस्थिति में मांगी गई खुशहाली की कामना
धान की अच्छी फसल के लिए अनोखी परंपरा: मोहरेगा में गांव, खार और डीही-डोंगर में हुआ पूजन
*मगरलोड।* क्षेत्र के ग्राम मोहरेगा में ग्राम की सुख, शांति, समृद्धि और धान की अच्छी फसल की कामना को लेकर एक विशेष हवन-पूजन और यज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। यह धार्मिक आयोजन गांव के प्रसिद्ध मां शीतला मंदिर में सम्पन्न हुआ, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूर्ण आहुति देकर ग्राम की खुशहाली के लिए प्रार्थना की गई।
*संत के हाथों हुई पूजा-अर्चना*
ग्रामवासियों द्वारा आयोजित इस पावन कार्यक्रम में सिरकट्टी आश्रम के पूज्य संत सिया गोवर्धन शरण व्यास जी के करकमलों द्वारा विधि-विधान से पूजन सम्पन्न कराया गया। संत श्री द्वारा मां शीतला मंदिर में पूजा के पश्चात गांव की सीमा और खार (खेतों) में भी हवन पूजन कर पूर्ण आहुति दी गई। इस दौरान पूरे गांव में भक्तिमय माहौल बना रहा और ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
*क्या है मान्यता?*
ग्राम के बुजुर्गों ने बताया कि क्षेत्र में यह पुरानी मान्यता है कि वर्षा ऋतु के समय खेत-खार, गांव, डीही और डोंगर में पूजा-अर्चना करने से फसल में कीट प्रकोप से मुक्ति मिलती है। धान की फसल रोग मुक्त होती है और गांव में सुख-शांति व समृद्धि आती है। इसी मान्यता और परंपरा का निर्वहन करते हुए प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी ग्रामवासियों ने एकजुट होकर यह यज्ञ किया। ग्रामीणों का मानना है कि इस यज्ञ से गांव में किसी प्रकार की अनहोनी नहीं होती और सभी ग्रामीण सुखी और स्वस्थ रहते हैं।
*गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित*
इस ग्राम शांति यज्ञ के अवसर पर ग्राम की सरपंच श्रीमती प्रीति भूपेंद्र ध्रुव, ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष गणपत पटेल, उपसरपंच कैलाश यादव, वरिष्ठ ग्रामीण खिलेश्वर पटेल सहित पंचगण एवं समस्त ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में गांव की उन्नति, आपसी भाईचारा और किसानों की फसल अच्छी होने की कामना की।
कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया और सभी ग्रामीणों ने मिलकर गांव की एकता और विकास का संकल्प लिया।


