बाल अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति बरकरार, उत्कृष्ट विवेचना के लिए उप निरीक्षक सरिता मानिकपुरी होंगी सम्मानित
धमतरी पुलिस की प्रभावी विवेचना और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के चलते POCSO एक्ट के एक महत्वपूर्ण प्रकरण में आरोपी को माननीय न्यायालय ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
इस प्रकरण की विवेचना उप निरीक्षक सरिता मानिकपुरी ने की। उन्होंने साक्ष्यों का वैज्ञानिक ढंग से संकलन करते हुए सभी आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी कीं, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय से आरोपी को कठोर दंड दिलाने में सफलता मिली।
धमतरी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बाल अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत ऐसे मामलों में त्वरित, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण विवेचना के साथ प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके।
उत्कृष्ट विवेचना और सराहनीय कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय द्वारा उप निरीक्षक सरिता मानिकपुरी को सेवा पुस्तिका में पुरस्कार दर्ज कर सम्मानित किया जाएगा।
धमतरी पुलिस का संदेश है कि बाल अपराध के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, पीड़ित को न्याय और दोषियों को कठोर दंड दिलाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
