*ललित राउटे, कार्यपालन, जल प्रबंधन संभाग क्रमांक 1 , रायपुर अंतर्गत अनुबंध क्रमांक 16 ( बोरी जलाशय रिनोवेशन एवं रिपेयरिंग कार्य) में अतिरिक्त सुरक्षा निधि राशि की संपूर्ण अवैधानिक वापसी एवं गंभीर वित्तीय अनियमिताओ/ भ्रष्टाचार संबंधी में निलंबित एवं एफ.आई.आर. दर्ज करवाने हेतु शिकायत*
रायपुर/छत्तीसगढ़:- कार्यपालन अभियंता, जल प्रबंधन संभाग क्रमांक – 1 रायपुर के अंतर्गत अनुबंध क्रमांक – 16 ( बोरी जलाशय रिनोवेशन एवं रिपेयरिंग कार्य) में अतिरिक्त सुरक्षा निधि राशि 16,51,700 ( एफ. डी. आर. संख्या 4217988299 का भुगतान, अनुबंध की कंडिका 2.8.1 का उल्लंघन करते हुए कार्य की पूर्णता एवं complete certificate जारी होने के पूर्व ही दिनांक 24. 03. 2025 को कार्यपालन अभियंता ललित राउटे द्वारा जारी कर दिया गया । उक्त राशि नियमानुसार कार्य समापन प्रमाण पत्र पश्चात ही सामान्य सुरक्षा निधि के साथ वापसी योग्य थी। इस प्रकरण में कार्यपालन अभियंता ललित राउटे बाबू सन्तोष अवस्थी, ऑपरेटर राहुल , सहायक अभियंता जितेंद्र सिंह मरकाम एवं अन्य संबंधित अधिकारी / कर्मचारी द्वारा आपसी मिलीभगत से अतिरिक्त सुरक्षा निधि को अनुचित ढंग से वापस कराया गया। इस दौरान ऑनलाइन वेरिफेशन दस्तावेजों में हेराफेरी करते हुए , कार्यपालन अभियंता के हस्ताक्षर से भिन्न "for" लिखकर स्याहत्यक अभियंता जितेंद्र सिंह मरकाम द्वारा हस्ताक्षर किया गया। तथा भारतीय स्टेट बैंक, गायत्री नगर शाखा की अधिकारी दीप्ति रानी से मिलीभगत कर राशि का फर्जी सत्यापन दिनांक 04.07.2025 को कर दिया गया। उक्त एफ. डी. आर. दिनांक 24.03.2025 को बंद ( closed ) कर राशि बैंक खाते में समाहित कर ली गई, तत्पश्चात फर्जी सत्यापन के आधार पर दिनांक 12. 08.2025 को अनुबंध का अवैधानिक अंतिमीकरण कर लिया गया ।
उक्त कृत्य अनुबंध की राशि का गंभीर उल्लंघन होने के साथ– साथ शासन की वित्तीय सुरक्षा एवं सार्वजनिक हितों के प्रति घोर लापरवाही और भ्रष्टाचार को इंगित करता है । इससे शासन की निधि को क्षति पहुंचाती है और आमजन को योजनाबद्ध लाभ से वंचित किया गया है। पूर्व में भी इसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता के मामले में तत्कालीन कार्यपालन अभियंता विजय जमानिक को निलम्बित कर उनके विरुद्ध प्राथमिकी ( एफ. आई. आर) दर्ज की जा चुकी है। अतः इस पुनरावृति को दृष्टिगत रखते हुए यह आवश्यक है कि इस प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लेकर संबंधित अधिकारी /कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध ( एफ. आई. आर.) दर्ज की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की वित्तीय अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार की घटनाओं पर पूर्ण विराम लगाया जा सके तथा शासन के हितों की समुचित सुरक्षा सुनिश्चित हो। अतः आपसे निवेदन है कि इस प्रकरण को शासकीय शिकायत के रूप में दर्ज कर आवश्यक विधिक / विभागीय कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। सधन्यवाद भवदीय