पंडाल में पंखा-कूलर नहीं, गमछे से झलते रहे परिजन
38 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्पन्न, लेकिन व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
नेताओं के मंच पर कूलर, मंडप में गर्मी से परेशान वर-वधु
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के आयोजन में दिखी व्यवस्थागत कमी
नगरी। महिला एवं बाल विकास विभाग नगरी द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत 38 जोड़ों का सामूहिक विवाह शुक्रवार को कर्णेश्वर महादेव मंदिर, देऊरपारा नगरी में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न कराया गया।
हालांकि, आयोजन की भव्यता के बीच व्यवस्थागत कमियाँ भी खुलकर सामने आईं। भीषण गर्मी के बीच विवाह मंडप में बैठे वर-वधु पंखा और कूलर के अभाव में परेशान नजर आए। कई नवदंपत्ति हाथ में नाम लिखी प्लेट लेकर स्वयं हवा करते दिखाई दिए, जबकि परिजन गमछे से हवा झलकर राहत पहुंचाने की कोशिश करते रहे।
विवाह स्थल पर लगाए गए टीना शेड और पंडाल के नीचे अत्यधिक गर्मी महसूस की जा रही थी। बावजूद इसके, विभाग द्वारा पर्याप्त पंखा और कूलर की व्यवस्था नहीं की गई थी। गर्म हवाओं और उमस के कारण वर-वधुओं सहित उनके परिजनों को लंबे समय तक असुविधा झेलनी पड़ी।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस बात पर नाराजगी जताई कि मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधियों और नेताओं के लिए पंखा एवं कूलर की विशेष व्यवस्था की गई थी, जबकि मंडप में बैठे नवदंपत्ति मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहे। लोगों का कहना था कि आयोजन का केंद्र नवविवाहित जोड़े थे, इसलिए प्राथमिक सुविधाएं सबसे पहले उन्हें मिलनी चाहिए थीं।
भोजन व्यवस्था में भी अव्यवस्था देखने को मिली। भोजन स्थल पर पर्याप्त छाया नहीं होने के कारण तेज धूप सीधे पहुंच रही थी, जिससे लोगों को भोजन करने में परेशानी हुई। खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों और परिजनों ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब परिवारों के लिए सराहनीय पहल है, लेकिन ऐसे आयोजनों में मूलभूत सुविधाओं और सम्मानजनक व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
कार्यक्रम में कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके अलावा अरुण सार्वा, श्रवण मरकाम, बलजीत छाबड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक कार्यक्रम में मौजूद
