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सुशासन तिहार के बीच मगरलोड अंधेरे में डूबा, बिजली कटौती से जनता बेहाल


गर्मी बढ़ी तो फेल हुआ बिजली विभाग, मगरलोड में रातभर अंधेरे का संकट

छत्तीसगढ़ सरकार एक ओर पूरे प्रदेश में ‘सुशासन तिहार’ मना रही है और बेहतर व्यवस्थाओं के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धमतरी जिले के मगरलोड ब्लॉक से सामने आ रही तस्वीरें इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही हैं। यहाँ बिजली विभाग की लापरवाही और बदहाल व्यवस्था से आम जनता परेशान है। हालात ऐसे हैं कि भीषण गर्मी के बीच लोगों को आधी रात तक अंधेरे में बैठने को मजबूर होना पड़ रहा है।

मगरलोड क्षेत्र में बिजली कटौती अब आम समस्या बन चुकी है। गर्मी बढ़ते ही बिजली विभाग की तैयारियां पूरी तरह फेल साबित हो रही हैं। विभाग द्वारा हर साल मेंटेनेंस और सुधार कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति कुछ और ही दिखाई देती है। आए दिन घंटों बिजली गुल रहना, ट्रांसफार्मर फुंकना और तार टूटने जैसी घटनाएं विभागीय व्यवस्थाओं की पोल खोल रही हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग गर्मी शुरू होने से पहले बेहतर व्यवस्था और निर्बाध बिजली सप्लाई का दावा करता है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। बिजली गुल होने पर विभाग ‘फॉल्ट’ का हवाला देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को हो रही है, जिन्हें पूरी रात उमस और गर्मी में जागकर बितानी पड़ रही है।

अब सवाल यह उठने लगा है कि आखिर मेंटेनेंस के नाम पर खर्च होने वाला बजट आखिर जा कहां रहा है? यदि करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं तो फिर बिजली व्यवस्था इतनी कमजोर क्यों है? लगातार ट्रांसफार्मर खराब होना और बिजली लाइनों में खराबी यह संकेत दे रही है कि कागजों में विकास जरूर हो रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात बेहद खराब हैं।

एक तरफ सरकार सुशासन का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी तरफ मगरलोड की जनता बिजली संकट से त्रस्त होकर आक्रोशित नजर आ रही है। यदि समय रहते बिजली विभाग ने व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया, तो आने वाले दिनों में यह नाराजगी बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकती है।

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