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NH MMI हॉस्पिटल रायपुर में बाह्य आपदा मॉक ड्रिल का सफल आयोजन


 

रायपुर। NH MMI हॉस्पिटल, रायपुर के इमरजेंसी डिपार्टमेंट द्वारा 7 फरवरी 2026, शनिवार को प्रातः 9 बजे एक External Disaster Mock Drill का सफल आयोजन किया गया। इस मॉक ड्रिल में इमरजेंसी डिपार्टमेंट, क्रिटिकल केयर, ऑपरेशन थिएटर (OT), रेडियोलॉजी, लेबोरेटरी, ब्लड बैंक, फार्मेसी, प्रशासन, क्वालिटी टीम, सुरक्षा विभाग, हाउसकीपिंग, एम्बुलेंस सेवा तथा MMI नर्सिंग कॉलेज की टीमों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

इस मॉक ड्रिल के अंतर्गत एक काल्पनिक लेकिन यथार्थपरक परिदृश्य बनाया गया, जिसमें यात्रियों से भरी एक बस के खाई में गिर जाने की स्थिति दर्शाई गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही NH MMI हॉस्पिटल की इमरजेंसी टीम मौके पर पहुँची और घायलों की फील्ड ट्रायेजिंग की। इसके बाद घायलों को प्राथमिक उपचार देते हुए एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुँचाया गया। मॉक ड्रिल को वास्तविक स्वरूप देने के लिए MMI नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थियों ने स्वयंसेवक के रूप में घायल मरीजों की भूमिका निभाई।


इस अभ्यास के माध्यम से यह प्रदर्शित किया गया कि किसी भी मास कैजुअल्टी या आपदा की स्थिति में अस्पताल को किस प्रकार संगठित और तैयार रहना चाहिए। किसी भी आपदा में सरकारी अथवा निकटवर्ती अस्पतालों की डिजास्टर मैनेजमेंट टीमें घटनास्थल पर पहुँचकर START Triage प्रोटोकॉल के तहत घायलों को उनकी स्थिति के अनुसार प्राथमिकता में विभाजित करती हैं।

START ट्रायेज प्रोटोकॉल के अनुसार पीड़ितों को चार श्रेणियों में बाँटा जाता है—

रेड (Red): जिन मरीजों को तुरंत इलाज की आवश्यकता होती है, अन्यथा उनकी जान को खतरा हो सकता है।

येलो (Yellow): जिनकी चोटें गंभीर तो होती हैं, परंतु जीवन के लिए तुरंत खतरा नहीं होता, फिर भी उन्हें शीघ्र उपचार की आवश्यकता होती है।


ग्रीन (Green): वे मरीज जो चलने-फिरने में सक्षम होते हैं और स्थिर अवस्था में रहते हैं, जिन्हें सामान्यतः प्राथमिक उपचार की आवश्यकता होती है।

ब्लैक (Black): वे पीड़ित जिनकी दुर्घटना में मृत्यु हो चुकी होती है।

किसी भी आपदा में डिजास्टर मैनेजमेंट टीम का मुख्य उद्देश्य सीमित संसाधनों के बावजूद अधिक से अधिक लोगों की जान बचाना होता है।

इस अवसर पर डॉ. अजय मिश्रा, कंसल्टेंट एवं विभागाध्यक्ष, इमरजेंसी डिपार्टमेंट ने कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल का नियमित आयोजन अत्यंत आवश्यक है, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में उसे प्रभावी ढंग से संभाला जा सके और अधिकतम जीवन रक्षा संभव हो। उन्होंने कहा कि NH MMI हॉस्पिटल का इमरजेंसी डिपार्टमेंट हर प्रकार की चुनौती से निपटने के लिए सदैव तैयार है।

डॉ. ईश्वर देशमुख, सहायक चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में टीमवर्क सबसे महत्वपूर्ण होता है। NH MMI हॉस्पिटल के सभी विभागों के डॉक्टर और नर्सें एकजुट होकर हर चुनौती का सामना करने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।

वहीं, श्री अजीत बेल्लामकोंडा, फैसिलिटी डायरेक्टर, NH MMI हॉस्पिटल ने इस सफल मॉक ड्रिल के लिए पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल समय-समय पर प्रत्येक अस्पताल में होनी चाहिए, जिससे कमियों की पहचान कर उन्हें समय रहते दूर किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि NH MMI हॉस्पिटल एक डिजास्टर रेडी हॉस्पिटल है और किसी भी आपदा की घड़ी में समाज के साथ खड़ा रहा है और आगे भी सदैव खड़ा रहेगा

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