Ad Code

Responsive Advertisement

हसदा के समरसता भवन में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का आयोजन, सेवा संकल्प अभियान के तहत मातृशक्ति और बच्चों को पोषण-स्वास्थ्य का संदेश


 

मुख्य अतिथि जनपद सभापति राजेश साहू ने कहा - आंगनबाड़ी शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण की प्रथम सीढ़ी, कोई भी बच्चा और मां कुपोषित न रहे यही मोदी सरकार का संकल्प

*मगरलोड/हसदा।* जनपद पंचायत मगरलोड के ग्राम पंचायत हसदा के समरसता भवन में सरकार द्वारा चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आंगन मिलन सेवा के विशेष कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्राम के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ता, सहायिका, मितानिन और बड़ी संख्या में हितग्राही माताएं और बच्चे शामिल हुए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता जनपद पंचायत मगरलोड के सभापति राजेश साहू रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच ईश्वरी काशी साहू ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपसरपंच भूषण यादव, विधायक प्रतिनिधि रोहित साहू, पंच जगन्नाथ महिलवार, महेश्वरी यादव, यमुना साहू, स्वास्थ्य विभाग से सिस्टर दीपिका साहू, पंचायत सचिव चम्पेश्वर यादव सहित सभी मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं उपस्थित रहीं।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि राजेश साहू ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र छोटे बच्चों और गर्भवती माताओं के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण की प्रथम सीढ़ी है। यही बच्चे देश के भविष्य हैं। मोदी सरकार की यही योजना है कि कोई भी बच्चा और कोई भी मां कुपोषित न रहे। आंगनबाड़ी केंद्र शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और जन सहभागिता का केंद्र बने, तभी विकसित भारत का सपना साकार होगा।

वक्ताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को समय पर टीकाकरण, पूरक पोषण आहार, प्रारंभिक शिक्षा और माताओं को स्वास्थ्य परामर्श दिया जा रहा है। सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने हितग्राही माताओं को संतुलित आहार, स्वच्छता और बच्चों की देखभाल के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

स्वास्थ्य विभाग की सिस्टर दीपिका साहू ने गर्भवती माताओं को संस्थागत प्रसव, एनीमिया से बचाव और पोषण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ रहेंगे तभी स्वस्थ समाज का निर्माण होगा।

इस अवसर पर हितग्राही मातृशक्ति और बच्चों ने भी अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा पोषण प्रदर्शनी भी लगाई गई और बच्चों को पौष्टिक आहार वितरित किया गया। अंत में सभी ने आंगनबाड़ी को मजबूत बनाने और कुपोषण मुक्त गांव बनाने का संकल्प लिया।

Ad Code

Responsive Advertisement