ग्राम गिरौद मे सुहागिन महिलाओं ने शिवमंदिर मे सामूहिक रूप से इकठ्ठा होकर माता करवा की पूजा की। पिछले वर्ष भी इसी तरह आयोजन किया गया था।पंडित जीतेन्द्र पाण्डेय द्वारा कथा पढ़कर माता करवा महिमा एवं व्रत करने की विधि को विस्तार पूर्वक बताते हुए कहानी भी सुनाया। उसके बाद विधि विधान से सभी महिलाओं ने पूजन कर भगवान शिव को जल चढ़ाया। करवा माता, गणेश, कार्तिकेय, शिव की आरती कर अपने पति की दीर्घायु की कामना की गयी।अत्यंत खुश होकर महिलाएं संगीत की धुन मे माता की भक्ति मे थिरकते नजर आये।सभी व्रतरत महिलाएं दिनभर निर्जला उपवास रही।
शाम को पूजन पश्चात रात्रि मे चाँद को देखकर अपने व्रत को पूरा किया। तत्पश्चात भोजन ग्रहण किया। कहा जाता है कि कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को माता करवा की विधि विधान से पूजा करने से सभी कष्ट मिट जाते है। घर मे सुख शांति के साथ धन संपत्ति मे वृद्धि होती है।इस प्रकार की सामूहिक आयोजन से आपस मे एकता एवं सहयोग मे वृद्धि होती है। भारतीय परंपरा मे सामूहिक आयोजन का विशेष महत्त्व है।इस आयोजन मे प्रमुख रूप से श्रीमति राधिका निषाद, कुंती साहू, हरलता साहू, टोमेश्वरी साहू, रोशनी साहू, गायत्री साहू, भुनेश्वरी साहू, लक्ष्मी साहू, बसंती साहू, संतोषी साहू, गीता साहू, पूर्णिमा साहू, तामेश्वरी उपस्थित रही।
