मगरलोड क्षेत्र के ग्राम लड़ेर में पशुधन विकास विभाग के सौजन्य से निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर पशु औषधालय बोरसी के अंतर्गत आयोजित हुआ, जिसमें ग्रामीण किसानों एवं पशुपालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपने पशुओं का उपचार कराया। शिविर के दौरान पशुओं की जांच, उपचार, टीकाकरण तथा विभिन्न आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
शिविर में कुल 85 पशुओं का उपचार किया गया, वहीं 165 पशुपालकों को निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। इस शिविर से कुल 62 कृषक लाभान्वित हुए, जबकि 248 पशुओं को विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला। पशुओं के स्वास्थ्य संरक्षण को ध्यान में रखते हुए 03 पशुओं का बधियाकरण किया गया तथा 02 पशुओं का गर्भ परीक्षण भी किया गया।
इसके अलावा 185 पशुओं को कृमिनाशक दवा पिलाई गई, वहीं 220 पशुओं पर जूं-किलनी नियंत्रण हेतु दवा का छिड़काव किया गया। खुरहा-चपका जैसी गंभीर बीमारी से बचाव हेतु 248 पशुओं का टीकाकरण किया गया, जिससे पशुपालकों में काफी संतोष देखा गया।
शिविर का शुभारंभ ग्राम पंचायत लड़ेर की सरपंच श्रीमती उमा निषाद द्वारा किया गया। उन्होंने विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध हो रहे हैं।
शिविर को सफल बनाने में विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की अहम भूमिका रही। इसमें डॉ. मनीष सहकार, संस्था प्रभारी खिलेश्वर साहू, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी, मोबाइल यूनिट से खेमराज साहू, महेश यादव, पुरुषोत्तम यादव, कपिल कंवर, राजेंद्र निषाद, हंसा कंवर, पशु सखी मोतीलाल निषाद एवं कामता साहू सहित अन्य कर्मचारियों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
शिविर के दौरान बड़ी संख्या में किसान एवं पशुपालक उपस्थित रहे। ग्रामीणों में शिविर को लेकर भारी उत्सुकता देखने को मिली तथा सभी ने विभाग की इस पहल की प्रशंसा की। किसानों ने मांग की कि भविष्य में भी ऐसे शिविर लगातार आयोजित किए जाएं, ताकि पशुधन की सुरक्षा और स्वास्थ्य बेहतर बना रहे।

