धमतरी पुलिस की मजबूत विवेचना और प्रभावी पैरवी के चलते पॉक्सो एक्ट के एक गंभीर मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है।
थाना मगरलोड में दर्ज प्रकरण में आरोपी गजेन्द्र कुमार विश्वकर्मा को दोषी पाते हुए अदालत ने 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 3000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
यह मामला वर्ष 2025 में दर्ज किया गया था, जिसमें नाबालिग से दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराएं लगाई गई थीं।
मामले की जांच सउनि महेंद्र कुमार साहू ने बेहद गंभीरता और पेशेवर दक्षता के साथ की। वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाकर और गवाहों के मजबूत बयान न्यायालय में प्रस्तुत किए गए, जिसके आधार पर आरोपी को कठोर सजा मिली।
एसपी धमतरी ने उत्कृष्ट विवेचना के लिए विवेचक को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित करने की घोषणा की है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में धमतरी पुलिस पॉक्सो एक्ट के छह मामलों में आरोपियों को 20-20 साल की सजा दिलाने में सफल रही है।
महिला एवं बाल सुरक्षा को लेकर धमतरी पुलिस लगातार ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सख्त कार्रवाई कर रही है।
