धमतरी में रेत माफिया का बड़ा खेल बेनकाब!
क्या महानदी के सीने को छलनी कर रहे हैं रेत माफिया? क्या प्रशासन की आंखों के सामने चल रहा था अवैध उत्खनन का काला कारोबार? धमतरी जिले के ग्राम खरेंगा से सामने आई तस्वीरों ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
महानदी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन की शिकायत मिलने के बाद जब प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची, तो जो तथ्य सामने आए उन्होंने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। जानकारी के अनुसार, रेत की खुदाई के दौरान पहले से दफन कंकाल बाहर निकल आए। इस घटना ने ग्रामीणों में आक्रोश और चिंता का माहौल पैदा कर दिया।
खनिज विभाग, राजस्व अमला और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अवैध रेत परिवहन में लगे 5 ट्रैक्टर जब्त किए गए हैं। सवाल यह है कि आखिर इतने दिनों से यह अवैध कारोबार किसके संरक्षण में चल रहा था? यदि शिकायत नहीं होती तो क्या यह खेल यूं ही जारी रहता?
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि क्षेत्र के खनि निरीक्षक को लापरवाही के चलते कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं संबंधित फर्म की रेत भंडारण अनुज्ञा भी निरस्त कर दी गई है। यह कार्रवाई कहीं न कहीं निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।
प्रशासन ने बाहर आए कंकाल को दोबारा सुरक्षित दफनाने की व्यवस्था की है, लेकिन अब चर्चा इस बात की है कि अवैध उत्खनन ने न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया, बल्कि सामाजिक और धार्मिक संवेदनाओं को भी आहत किया है।
खनिज विभाग के आंकड़े भी चौंकाने वाले हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के 108 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं। इन मामलों में लगभग 29 लाख 51 हजार रुपये से अधिक की शास्ति राशि वसूली गई है। आंकड़े बताते हैं कि जिले में अवैध खनन की समस्या कितनी गंभीर है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या यह कार्रवाई रेत माफिया पर स्थायी लगाम लगा पाएगी, या फिर कुछ दिनों बाद महानदी के किनारे अवैध उत्खनन का खेल दोबारा शुरू हो जाएगा?
