ट्रैप कैमरे में कैद हुआ तेंदुआ, लगातार पांचवीं शिकार की घटना से ग्रामीणों में भय
धमतरी। जिले के नगरी विकासखंड के अंतिम छोर पर स्थित सोढूर क्षेत्र में एक बार फिर तेंदुए की सक्रियता बढ़ने लगी है। बीते कुछ महीनों की शांति के बाद क्षेत्र में तेंदुए द्वारा पालतू पशुओं का शिकार किए जाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे ग्रामीणों में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया है।
ताजा घटना में तेंदुए ने ग्राम सरपंच के घर से लगभग 100 मीटर की दूरी पर एक छोटे बछड़े का शिकार कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में तेंदुए द्वारा किया गया यह पांचवां शिकार है। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत बढ़ गई है और लोग अपने पशुओं तथा परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुआ अक्सर सड़क किनारे बैठे गाय, बैल एवं अन्य पालतू पशुओं को अपना निशाना बना रहा है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और निगरानी के लिए ट्रैप कैमरा लगाया। अगले दिन सुबह करीब 9 बजे कैमरे में कैद तस्वीरों और घटनास्थल के निरीक्षण से यह स्पष्ट हुआ कि मृत बछड़े को तेंदुआ घसीटकर दूसरी जगह ले गया था। ट्रैप कैमरे में तेंदुए की स्पष्ट तस्वीरें भी दर्ज हुई हैं, जिससे क्षेत्र में उसकी मौजूदगी की पुष्टि हो गई है।
ग्राम सरपंच जीवन नाग ने बताया कि लगातार हो रहे हमलों के कारण ग्रामीणों में डर का माहौल है। लोग रात के समय घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं तथा बच्चों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने वन विभाग से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और तेंदुए की निगरानी के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की मांग की है।
वन विभाग के रिसगांव परिक्षेत्र के डिप्टी रेंजर ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद विभाग द्वारा ट्रैप कैमरा लगाया गया था। जांच और कैमरे में प्राप्त तस्वीरों से स्पष्ट हुआ है कि बछड़े की मौत तेंदुए के हमले से हुई है। विभाग ने गांव में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। साथ ही ग्रामीणों से रात के समय अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने तथा अपने पालतू पशुओं को सुरक्षित स्थान पर बांधकर रखने की अपील की गई है।
वन विभाग द्वारा क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है और ग्रामीणों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

