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ग्रामीणों में आक्रोश, खनिज विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल



अवैध रेत कारोबारियों का आतंक! बिना नंबर प्लेट ट्रैक्टरों से हो रहा रेत का काला कारोबार


धौराभाठा, भोथा, हरदी और खट्टी में अवैध रेत डंपिंग का खेल, शासन को लाखों के राजस्व का नुकसान


मगरलोड विकासखंड के ग्राम धौराभाठा, भोथा, हरदी और खट्टी सहित आसपास के क्षेत्रों में अवैध रेत डंपिंग एवं परिवहन का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रेत का अवैध भंडारण किया जा रहा है तथा बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टरों के माध्यम से रेत का परिवहन लगातार जारी है। इससे शासन को राजस्व की हानि होने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा को भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है।

ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार विभिन्न स्थानों पर रेत का डंप तैयार कर उसकी बिक्री की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई ट्रैक्टर बिना नंबर प्लेट के सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे किसी दुर्घटना की स्थिति में वाहन की पहचान करना बेहद मुश्किल हो सकता है। ग्रामीणों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि बिना नंबर प्लेट वाले वाहन लगातार परिवहन कार्य में लगे हुए हैं, तो यह परिवहन नियमों का खुला उल्लंघन है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि अवैध रेत कारोबार से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोगों के कारण कार्रवाई नहीं हो पा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रेत के अवैध उत्खनन और डंपिंग से न केवल शासन को आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में लगातार बढ़ रही इस गतिविधि से प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब बिना नंबर प्लेट के वाहन खुलेआम सड़कों पर चल रहे हैं और गांवों में रेत के बड़े-बड़े डंप मौजूद हैं, तब खनिज विभाग, राजस्व विभाग, परिवहन विभाग तथा स्थानीय प्रशासन की नजर इस ओर क्यों नहीं पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो अवैध कारोबार और अधिक बढ़ सकता है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, खनिज विभाग और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, अवैध रेत डंपिंग स्थलों की जांच की जाए तथा बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से ही शासन को हो रहे राजस्व नुकसान को रोका जा सकता है और क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है।

अब लोगों की निगाहें प्रशासनिक अधिकारियों पर टिकी हुई हैं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करेंगे और अवैध रेत कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाएंगे।

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