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पॉक्सो मामले में दोषी को 20 साल की सश्रम कैद, धमतरी पुलिस की वैज्ञानिक विवेचना से मिली बड़ी सफलता


 

धमतरी। महिला एवं बाल अपराधों के विरुद्ध धमतरी पुलिस की प्रभावी कार्रवाई और वैज्ञानिक विवेचना के चलते एक गंभीर पॉक्सो प्रकरण में आरोपी को कठोर सजा दिलाने में सफलता मिली है। माननीय अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी), धमतरी ने 13 जुलाई 2026 को सुनाए गए फैसले में ग्राम पावद्वार, थाना सिहावा निवासी आरोपी किशन यादव को भारतीय न्याय संहिता की धारा 332 एवं 64(2) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत दोषी करार दिया।

न्यायालय ने आरोपी को धारा 332 भारतीय न्याय संहिता के तहत 7 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 3,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास का भी प्रावधान किया गया है।

इस प्रकरण की विवेचना सहायक उप निरीक्षक दुलाल नाथ ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, प्रभावी अनुसंधान और मजबूत साक्ष्य संकलन के आधार पर की। न्यायालय में सशक्त प्रस्तुतीकरण के चलते आरोपी के विरुद्ध अपराध सिद्ध हुआ और उसे कठोर दंड मिला।

धमतरी पुलिस ने कहा है कि महिला एवं बाल अपराधों के प्रति विभाग "जीरो टॉलरेंस" की नीति पर कार्य कर रहा है। ऐसे मामलों में त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी विवेचना के माध्यम से दोषियों को कठोर दंड दिलाने की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

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