धमतरी। धमतरी पुलिस को हत्या के प्रयास के एक मामले में बड़ी न्यायिक सफलता मिली है। जमीन विवाद में आरीनुमा लोहे के हथियार से जानलेवा हमला करने वाले आरोपी को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए 7 वर्ष के सश्रम कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
पुलिस के अनुसार, थाना सिविल लाइन रूद्री के अपराध क्रमांक 75/2024 में ग्राम बेन्द्रा नवागांव निवासी निरंजन ढीमर ने 14 नवंबर 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि जमीन विवाद की रंजिश को लेकर आरोपी सुरेन्द्र कुमार ध्रुव ने पहले गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी, फिर लकड़ी काटने वाले आरीनुमा लोहे के हथियार से हमला कर दिया। हमले में पीड़ित के बाएं हाथ में गंभीर चोट आई।
रिपोर्ट मिलते ही थाना सिविल लाइन रूद्री पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
मामले की विवेचना तत्कालीन विवेचना अधिकारी उपनिरीक्षक अमित बघेल एवं सहायक उपनिरीक्षक भीष्म अवस्थी ने वैज्ञानिक एवं साक्ष्य-आधारित तरीके से की। उनके द्वारा प्रस्तुत मजबूत साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष न्यायालय में आरोप सिद्ध करने में सफल रहा, जिसके बाद न्यायालय ने आरोपी को 7 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार ने इस प्रकरण में उत्कृष्ट विवेचना और प्रभावी साक्ष्य संकलन के लिए तत्कालीन विवेचना अधिकारी उपनिरीक्षक अमित बघेल एवं सहायक उपनिरीक्षक भीष्म अवस्थी को नगद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण एवं निष्पक्ष विवेचना से अपराधियों को न्यायालय से कठोर सजा दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
