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मेहनत और लगन लाई रंग, ग्राम खिसोरा की छात्रा कृतिका रात्रे ने नवोदय विद्यालय में बनाई जगह

 


धमतरी की बेटी कृतिका रात्रे ने बढ़ाया जिले का मान, जवाहर नवोदय विद्यालय कुरूद में कक्षा 9वीं के लिए चयन

धमतरी। जिले के मगरलोड विकासखंड अंतर्गत ग्राम खिसोरा की होनहार छात्रा कृतिका रात्रे ने अपनी प्रतिभा और कठिन परिश्रम के दम पर जवाहर नवोदय विद्यालय, कुरूद में कक्षा 9वीं के लिए चयनित होकर पूरे क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। कृतिका की इस उपलब्धि से परिवार, विद्यालय और ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।

कृतिका वर्तमान में कलीराम चंद्राकर पब्लिक स्कूल, कुरूद की छात्रा हैं। उन्होंने अपनी निरंतर मेहनत, अनुशासन और अध्ययन के प्रति समर्पण के बल पर यह सफलता हासिल की है। जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश प्राप्त करना प्रत्येक विद्यार्थी का सपना होता है, क्योंकि यहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे प्रतिष्ठित विद्यालय में चयन होना किसी भी छात्र के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।

कृतिका के पिता कौशल कुमार रात्रे शासकीय हाई स्कूल नवागांव (खिसोरा) में व्याख्याता के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता श्रीमती कल्पना रात्रे शासकीय प्राथमिक शाला खिसोरा में सहायक शिक्षक हैं। दोनों शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े होने के कारण उन्होंने बचपन से ही अपनी बेटी को अनुशासन, मेहनत और शिक्षा का महत्व समझाया। परिवार के मार्गदर्शन और कृतिका की अथक मेहनत ने इस सफलता को संभव बनाया।

कृतिका की उपलब्धि पर विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं सहपाठियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं ग्राम खिसोरा के ग्रामीणों ने भी इस सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि कृतिका ने पूरे गांव का नाम रोशन किया है और अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हैं।

शिक्षाविदों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो संसाधनों की कमी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनती। कृतिका की यह उपलब्धि क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों को भी उच्च लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।

परिजनों ने बताया कि कृतिका शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं। नियमित अध्ययन, शिक्षकों का मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग के कारण उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और विद्यालय को दिया।

कृतिका रात्रे की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों एवं ग्रामीणों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वह भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन करेंगी। यह सफलता निश्चित रूप से धमतरी जिले के लिए गर्व का विषय है और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक उदाहरण भी।

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