मगरलोड। जनपद पंचायत मगरलोड के संसाधन केंद्र में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जनपद पंचायत मगरलोड की अध्यक्षता में औषधीय पौधों के कृषिकरण विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य किसानों, स्वयं सहायता समूहों (SHG) तथा कृषि एवं आजीविका से जुड़े प्रतिभागियों को औषधीय पौधों की वैज्ञानिक खेती, मूल्य संवर्धन और बेहतर आय के अवसरों से अवगत कराना रहा।
कार्यशाला में औषधीय पौधों के महत्व एवं वर्तमान आवश्यकता, स्थानीय जलवायु और मिट्टी के अनुसार उपयुक्त पौधों के चयन, खस, सतावर, ब्राह्मी, बच एवं सिंदूरी जैसे प्रमुख औषधीय पौधों की खेती तथा उनसे होने वाली आय की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।
साथ ही औषधि पादप बोर्ड के माध्यम से गुणवत्तायुक्त बीजों की उपलब्धता, खेत की तैयारी, रोपण की वैज्ञानिक विधि, सिंचाई एवं पोषण प्रबंधन, जैविक खेती की तकनीक, खरपतवार, कीट एवं रोगों के समेकित प्रबंधन पर भी विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया।
कार्यशाला में औषधीय पौधों के मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण, विपणन एवं खरीदी व्यवस्था पर भी चर्चा की गई, जिससे किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ औषधीय फसलों के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित करने के अवसरों की जानकारी मिली।
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों एवं स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों ने कार्यशाला को उपयोगी और व्यवहारिक बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।
