बीएड-डीएलएड प्रशिक्षित शिक्षकों की जगह 12वीं और स्नातक युवाओं की नियुक्ति का आरोप, अभिभावकों ने जांच और कार्रवाई की उठाई मांग
मगरलोड। मगरलोड ब्लॉक के कुछ निजी स्कूलों में शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE) एवं शिक्षा विभाग के निर्धारित मानकों की अनदेखी किए जाने के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि कई निजी विद्यालयों में बीएड और डीएलएड प्रशिक्षित शिक्षकों की बजाय केवल 12वीं या स्नातक उत्तीर्ण युवाओं को शिक्षक के रूप में नियुक्त कर शिक्षा व्यवस्था संचालित की जा रही है।
जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग के नियमों के तहत निजी स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति आवश्यक है। इसके बावजूद कुछ विद्यालय कम वेतन पर अप्रशिक्षित युवाओं से शिक्षण कार्य करवा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे कई शिक्षकों को शिक्षण का पर्याप्त अनुभव नहीं है, जिससे विद्यार्थियों की शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
अभिभावकों एवं जागरूक नागरिकों ने आरोप लगाया है कि संबंधित अधिकारियों द्वारा निजी स्कूलों में बीएड एवं डीएलएड शिक्षकों की नियुक्ति और अन्य शैक्षणिक मानकों की नियमित मॉनिटरिंग नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि इससे शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं और बच्चों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि निजी स्कूलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि किसी विद्यालय में निर्धारित नियमों और मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके।
