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हाथी संरक्षण और प्रभावित ग्रामीणों के हित में उठी मजबूत आवाज, वैभव जगने ने रखीं 23 अहम मांगें


 नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ में हाथी संरक्षण और हाथी प्रभावित ग्रामीणों के हितों को लेकर वन्यजीव प्रेमी वैभव जगने ने पहल करते हुए 23 महत्वपूर्ण मांगों का आवेदन नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन, वन मुख्यालय में सौंपा। आवेदन वन मंत्री सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

इस दौरान प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) के साथ हाथी-मानव संघर्ष से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। वैभव जगने ने मांग की कि हाथियों द्वारा फसल क्षति, मकान नुकसान एवं जनहानि की घटनाओं में प्रभावित किसानों और परिवारों को दिए जाने वाले मुआवजे की राशि में वृद्धि की जाए, जिससे उन्हें बेहतर आर्थिक सहायता मिल सके।

उन्होंने हाथी मित्र दल के सदस्यों की सुरक्षा, प्रशिक्षण और मानदेय संबंधी मांगों को भी प्रमुखता से रखा। उनका कहना है कि हाथी मित्र दल के सदस्य ग्रामीण क्षेत्रों में हाथी-मानव संघर्ष को नियंत्रित करने और लोगों को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।

वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मांगों पर सकारात्मक चर्चा करते हुए आश्वासन दिया कि सभी विषयों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और भविष्य में इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

वैभव जगने ने कहा कि हाथी संरक्षण के साथ-साथ प्रभावित ग्रामीणों की सुरक्षा, आजीविका और अधिकारों की रक्षा भी बेहद जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार और वन विभाग इन मांगों पर संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेकर हाथी संरक्षण एवं ग्रामीण हितों के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करेंगे।

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