गरियाबंद। समाज सेवा, स्वैच्छिक रक्तदान और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले गरियाबंद जिले के शिक्षाविद् एवं व्याख्याता डॉ. ओमप्रकाश वर्मा को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें मानवता की सेवा और समाज कल्याण के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. ओमप्रकाश वर्मा वर्तमान में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पीपरछेड़ी, जिला गरियाबंद में व्याख्याता के पद पर कार्यरत हैं। वे लंबे समय से सामाजिक जागरूकता, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण और मानव सेवा के कार्यों से जुड़े हुए हैं। इससे पूर्व विश्व रक्तदाता दिवस 14 जून के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में भी उन्हें जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.एस. नवरत्ने तथा इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के जिला सचिव रोमन लाल साहू की उपस्थिति में सम्मानित किया गया था।
डॉ. वर्मा गरियाबंद जिले के सर्वाधिक स्वैच्छिक रक्तदाता हैं। उन्होंने अब तक 73 बार रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान देने का कार्य किया है। उनकी प्रेरणा से 3000 से अधिक लोग रक्तदान अभियान से जुड़ चुके हैं। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए उन्हें पूर्व में राज्यपाल द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है।
मानव सेवा के प्रति उनके समर्पण का एक और प्रेरणादायक उदाहरण शरीरदान अभियान है। उन्होंने स्वयं एवं अपने पिता डॉ. जीवन लाल वर्मा का शरीरदान एम्स रायपुर को समर्पित किया है। साथ ही 27 अन्य लोगों को भी शरीरदान के लिए प्रेरित कर समाज में वैज्ञानिक सोच और मानवता के मूल्यों को मजबूत किया है।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी डॉ. वर्मा ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने 300 से अधिक पौधों का रोपण किया तथा 273 से अधिक वृक्षों के संरक्षण और संवर्धन में सक्रिय भूमिका निभाई है। प्रकृति संरक्षण के लिए उन्हें ‘पर्यावरण मित्र सम्मान’ से भी नवाजा जा चुका है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संदेश में कहा कि डॉ. ओमप्रकाश वर्मा का सेवा भाव, सकारात्मक सोच और समाज के प्रति समर्पण पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा ही सर्वोच्च धर्म है और डॉ. वर्मा का कार्य उसी भावना का जीवंत उदाहरण है।
सम्मान प्राप्त होने पर डॉ. ओमप्रकाश वर्मा ने अपने परिवार, विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों तथा सभी शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए केवल उपलब्धि नहीं बल्कि समाज और शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की नई प्रेरणा है।
